PM Awas Yojana: गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक बेहद खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 यानी PMAY-U 2.0 के तहत लगभग 90,000 पात्र लाभार्थियों को पहली किस्त जारी कर दी है। प्रत्येक लाभार्थी को ₹1 लाख की राशि Direct Benefit Transfer यानी DBT के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है। इस मौके पर सीएम योगी ने कुछ लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाण पत्र भी सौंपे।
PMAY-U 2.0 क्या है
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जो 2024 से 2029 तक चलेगी। इसका मुख्य लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले 1 करोड़ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को किफायती दर पर पक्का घर उपलब्ध कराना है।
यह योजना ‘Housing for All’ यानी सबके लिए आवास के विजन को आगे बढ़ाती है। इसके अंतर्गत चार मुख्य श्रेणियाँ हैं — Beneficiary Led Construction यानी BLC, Affordable Housing in Partnership यानी AHP, Affordable Rental Housing यानी ARH और Interest Subsidy Scheme यानी ISS। उत्तर प्रदेश में मुख्यतः BLC श्रेणी पर ध्यान केंद्रित है जिसमें पात्र परिवार खुद अपना घर बनवाते हैं और सरकार सीधे वित्तीय सहायता देती है। यह योजना उन परिवारों की जीवनभर की आकांक्षा पूरी करने का एक ठोस प्रयास है जिनके पास अपना घर नहीं है।
कितनी मिलेगी कुल आर्थिक सहायता
उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 के तहत पात्र लाभार्थियों को कुल ₹2.50 लाख तक की सहायता मिल सकती है। इसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों का योगदान शामिल है।
केंद्र सरकार की ओर से ₹1.50 लाख और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त ₹1 लाख दिया जाता है जो मिलकर कुल ₹2.50 लाख बनती है। अभी जारी पहली किस्त ₹1 लाख है। बाकी राशि निर्माण की प्रगति के आधार पर किस्तों में मिलेगी। जब लाभार्थी प्लिंथ स्तर तक निर्माण पूरा कर ले या 75 प्रतिशत काम हो जाए तो जियो-टैगिंग और सत्यापन के बाद अगली किस्त जारी होती है। इसलिए जिन लाभार्थियों को पहली किस्त मिल चुकी है वे जल्द से जल्द निर्माण शुरू करें।
कौन हैं पात्र
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं। यह जानना जरूरी है ताकि सही लोग समय पर आवेदन कर सकें।
आवेदक का परिवार शहरी क्षेत्र में निवास करता हो। आय वर्ग के अनुसार EWS यानी वार्षिक आय ₹3 लाख तक, LIG यानी ₹3 से 6 लाख और कुछ मामलों में MIG वर्ग के परिवार भी पात्र हो सकते हैं। परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। पिछले कुछ वर्षों में किसी अन्य केंद्रीय या राज्य आवास योजना का लाभ न लिया हो। आधार कार्ड और बैंक खाता अनिवार्य है। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल BPL परिवार ही नहीं बल्कि LIG वर्ग के परिवार भी पात्र हो सकते हैं बशर्ते उनके पास पक्का घर न हो।
अपना स्टेटस कैसे चेक करें
अगर आपने आवेदन किया है तो अपना लाभार्थी स्टेटस ऑनलाइन जाँचना बेहद आसान है।
सबसे पहले pmay-urban.gov.in या pmaymis.gov.in पर जाएं। वहाँ Application Tracking या Beneficiary Login सेक्शन चुनें। अपना आवेदन संख्या या आधार नंबर दर्ज करें। सबमिट करते ही स्क्रीन पर आपका स्टेटस, स्वीकृति की जानकारी और किस्त जारी होने का विवरण दिखाई देगा। अगर राशि नहीं आई है तो अपने स्थानीय नगर निगम या नगर पालिका कार्यालय से संपर्क करें। किसी भी एजेंट या बिचौलिए को पैसे न दें क्योंकि यह योजना पूरी तरह मुफ्त है।
अभी तक आवेदन नहीं किया
अगर आप शहरी क्षेत्र में रहते हैं, आपके पास पक्का मकान नहीं है और पात्रता की शर्तें पूरी होती हैं तो अभी भी आवेदन किया जा सकता है।
आधिकारिक पोर्टल pmay-urban.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें। ऑफलाइन आवेदन के लिए स्थानीय नगर निगम या नगर पालिका कार्यालय से संपर्क करें। जन सेवा केंद्र यानी CSC पर जाकर भी आवेदन करवाया जा सकता है। अंतिम स्वीकृति दस्तावेजों की जाँच और सत्यापन के बाद मिलती है इसलिए सभी जरूरी कागजात पहले से तैयार रखें।
फर्जी कॉल से सावधान रहें
इस योजना के नाम पर फर्जी कॉल और धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। कोई भी व्यक्ति यदि योजना का लाभ दिलाने के बदले पैसे माँगे तो उसे तुरंत मना करें। PMAY-U 2.0 के तहत सभी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हैं। केवल pmay-urban.gov.in या स्थानीय सरकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। PMAY-U 2.0 की पात्रता शर्तें और किस्त की राशि राज्य सरकार द्वारा बदली जा सकती है। हम आवास मंत्रालय या किसी सरकारी विभाग से आधिकारिक रूप से संबद्ध नहीं हैं। सटीक जानकारी के लिए pmay-urban.gov.in या अपने स्थानीय नगर निकाय कार्यालय से संपर्क करें।









